
लखनऊ सुपर जायंट्स को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ सुपर ओवर में हार मिली।। ये मौजूदा सीजन में ऋषभ पंत की कप्तानी वाली एलएसजी की छठी हार रही। केकेआर से मैच हारने की बड़ी वजह कप्तान ऋषभ पंत का निकोलस पूरन पर भरोसा करना रहा, जो बुरी तरह फेल हो गया। मैच के बाद पंत ने अपनी कप्तानी गलती मानी और ये कहा कि उनकी टीम को ब्रेक की जरूरत है।
LSG के कप्तान Rishabh Pant ने क्या कहा?
दरअसल, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए वही पुरानी कहानी रही, बैटिंग यूनिट फिर एक साथ नहीं चल सका। मैच में LSG ने अपनी ओपनिंग जोड़ी में फिर बदलाव किया। एडेन मार्करम को मिचेल मार्श के साथ ओपनर के तौर पर वापस लाया गया, जबकि आयुष बडोनी को नंबर 5 पर भेजा गया। इस बदलाव से भी टीम को कोई फायदा नहीं हुआ और पंत ने खुलकर माना कि उन पर और टीम पर “दबाव” बढ़ रहा है।
हार के बाद पंत ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा, “देखिए, हमें ब्रेक की जरूरत है। हम रिफ्रेश होंगे। दबाव तो हमेशा रहेगा, लेकिन हमें जवाब अंदर ढूंढने हैं, बाहर नहीं। हर खिलाड़ी को जिम्मेदारी लेनी होगी। ये एक-दो खिलाड़ियों की बात नहीं, पूरी यूनिट की बात है।”पूरन को भेजने पर पंत बोले, “हमने ग्रुप में बात की थी और निकी पी का नाम आया। भले ही वो बेस्ट फॉर्म में न हो, लेकिन मुश्किल हालात में अपने खिलाड़ी पर भरोसा करना पड़ता है। वो कभी भी मैच जिता सकते हैं। कोई बहाना नहीं है। पॉजिटिव देख रहे हैं। अभी भले पॉजिटिव कम लगे, लेकिन ब्रेक के बाद बहुत पॉजिटिव होगा।”
पंत के इस बयान के बाद फैंस भड़क गए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘लंगडा’ बहाना बता रहे हैं। फैंस का कहना है कि पूरन आउट ऑफ फॉर्म थे, फिर भी उन्हें भेजना गलत फैसला था। पूरन ने IPL 2026 में लगातार खराब प्रदर्शन किया है। पंत ने माना कि पूरन बेस्ट फॉर्म में नहीं हैं, फिर भी कहा कि मुश्किल वक्त में खिलाड़ी पर भरोसा करना जरूरी था। लेकिन ये दांव LSG को भारी पड़ गया और टीम को सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा।
लखनऊ के कप्तान ने कहा,
हमने ग्रुप में बात की थी। निकी का नाम सामने आया। भले ही वो अपनी बेस्ट फॉर्म में न हो, लेकिन मुश्किल हालात में अपने खिलाड़ी पर भरोसा करना पड़ता है। वो कभी भी चल सकता है। कोई बहाना नहीं है। अभी पॉजिटिव कम लग रहा होगा, लेकिन ब्रेक के बाद काफी पॉजिटिव होगा, पक्का।
-ऋषभ पंत
जब उनसे पूछा गया कि आखिरी ओवर दिग्वेश राठी से क्यों कराया तो उन्होंने कहा कि देखिए, क्रिकेट में ऐसे मौके आते हैं जब बॉलर्स को मुश्किल ओवर डालने पड़ते हैं। मैं मिडिल ओवर में विकेट चाहता था, इसलिए उसे दिया। विकेट नहीं मिला। यही सोच थी। मैदान पर ज्यादा दिमाग लगाओ तो चीजें आसान नहीं रहतीं।



