
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क और कनाडा के बीच स्थित ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ कर दिया था।
ट्रंप के साइन किए हुए कार्यकारी आदेश के बाद गूगल ने भी ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ कर दिया। लेकिन अब ट्रंप चाहते हैं कि उनके नाम पर एक पूरे महासागर का नाम कर दिया जाए।
ट्रंप ने गूगल के CEO सुंदर पिचाई से ‘अटलांटिक महासागर’ का नाम बदलकर ‘ट्रंप महासागर’ करने का अनुरोध किया था। लेकिन इस बार सुंदर पिचाई ने साफ तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुरोध को ठुकरा दिया है।
अटलांटिक महासागर का नाम ट्रंप महासागर?
ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में ‘अटलांटिक महासागर’ का नाम बदलकर ‘ट्रम्प महासागर’ (Trump Ocean) रखने का विचार रखा था। अब उन्होंने एक बार फिर इस महासागर का नाम बदलने की बात उठाई है।
ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बताया कि उन्होंने गूगल मैप्स को फोन किया और अटलांटिक महासागर का नाम बदलने के लिए कहा। ट्रंप ने उनके प्रस्ताव पर गूगल के CEO सुंदर पिचाई का जवाब भी बताया।
ट्रंप ने बताया कि सुंदर पिचाई ने कहा, ‘नहीं, नहीं, नहीं। इस बार मैं ऐसा नहीं कर रहा हूं। सर, महासागर अलग होते हैं। वे कई देशों से जुड़े होते हैं। कृपया हमसे ऐसा करने के लिए न कहें।’
‘हमारे पास एक महासागर होना चाहिए’
टेनेसी के क्लार्क्सविले में एक रैली के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘हमारे पास खाड़ी (gulf) है। हमारे पास एक सुंदर झील है। अब, किसी ने कहा कि हमें एक नदी की भी जरूरत है। हमें एक नदी चाहिए। हमें एक महासागर चाहिए।’
ट्रम्प ने आगे कहा, हम इसे ‘ट्रम्प महासागर या ‘अमेरिका का महासागर’ (Ocean of the Americas) कह सकते हैं। मेरे जाने से पहले, मुझे लगता है कि हमारे पास एक महासागर होना चाहिए। और हमें एक महान नदी की भी जरूरत है।’
‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ का भी नाम बदला
अमेरिकी प्रशासन ने इस महीने की शुरुआत में ‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ (मेक्सिको की खाड़ी) का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ (अमेरिका की खाड़ी) कर दिया, जिससे अमेरिका और मैक्सिको के बीच राजनयिक तनाव पैदा हो गया है।
एक कार्यकारी आदेश के बाद, गूगल ने अपने गूगल मैप्स ब्लॉग पर एक संक्षिप्त अपडेट पोस्ट किया, जिसमें बताया गया कि वे अपने मैप्स के लिए ‘यूएस जियोग्राफिक नेम्स इंफॉर्मेशन सिस्टम’ (GNIS) का पालन करते हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी को गूगल मैप्स में ‘लेक ओंटारियो’ (Lake Ontario) का नाम बदलना होगा। नाम बदलने के संबंध में गूगल के अपडेट से यह भी स्पष्ट हो गया है कि यह बदलाव केवल अमेरिका में गूगल मैप्स का उपयोग करने वालों के लिए ही होगा।



