
कहते हैं कि खेल सिर्फ हार और जीत का नाम हैं। एक को जीत तो दूसरे को हार का सामना करना पड़ता है, लेकिन मैदान पर रिकॉर्ड्स टूटने, लड़ाई-झगड़े और इंजरी के अलावा कुछ ऐसी दास्तां लिखी जाती है जिसकी तुलना नहीं की जा सकती।
ऐसा ही कुछ जिम्बाब्वे के स्टार ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने पेश किया, जहां उन्होंने अपने दुखों के पहाड़ को दबाकर टीम के लिए शानदार खेल ही नहीं दिखाया, बल्कि टीम को ऐतिहासिक जीत भी दिलाई। अपने 13 साल के सगे भाई को खोने के महज कुछ दिनों बाद, SA20 के मैदान पर उतरकर उन्होंने MI केपटाउन के खिलाफ गजब का प्रदर्शन किया।
ट्रेजेडी के बावजूद टीम को दिलाई जीत
दरअसल, सिकंदर रजा के परिवार पर हाल ही में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनके छोटे भाई का निधन हो गया। एक खिलाड़ी के लिए ऐसे समय में मानसिक रूप से तैयार होना नामुमकिन-सा होता है, लेकिन रजा ने ‘शोक’ को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया। उन्होंने साबित किया कि मैदान पर शानदार खेल दिखाकर वह अपने भाई को ट्रिब्यूट दे सकते हैं।
न्यूलैंड्स में रजा का ‘स्पिन’ मैजिक
केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पार्ल रॉयल्स को अपनी पहली जीत की तलाश थी। MI केपटाउन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ रॉयल्स का पलड़ा हल्का लग रहा था, लेकिन रजा के इरादे कुछ और ही थे। उन्होंने अपनी जादुई स्पिन गेंदबाजी से मुंबई के बल्लेबाजों को चारों खाने चित कर दिया।
मैच में टॉस जीतकर एमआई कैपटाउन की टीम ने पहले बैटिंग का फैसला किया। पहले बैटिंग करते हुए टीम 18.4 ओवर में 88 रन पर ऑलआउट हो गई।
रजा को नकोबानी मोकोएना का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 10 रन देकर 2 विकेट लिए। वहीं, अनुभवी ओटनील बार्टमैन के 8 रन पर 2 विकेट के स्पेल ने एमआई केप टाउन (MI Cape Town) की टीम को सिर्फ 88 रनों पर समेटने में मदद की। ये एमआई कैपटाउन की टीम का इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक का सबसे कम स्कोर रहा।
सिकंदर रजा ने 4 ओवर में 13 रन देकर 4 विकेट लिए। उनके अलावा नकोबानी मोकोएना और ओटनील बार्टमैन को दो-दो विकेट मिले।
इसके जवाब में पार्ल रॉयल्स की टीम ने 13 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह पार्ल रॉयल्स की MI केपटाउन पर अब तक की पहली और ऐतिहासिक जीत रही। पार्ल रॉयल्स (Paarl Royals) ने न्यूलैंड्स के मैदान पर अपने प्रतिद्वंद्वी एमआई केप टाउन (MI Cape Town) को उनके घरेलू मैदान पर पहली बार 7 विकेट से हराया।
भाई को खोने के बारे में क्या कहा?
सिकंदर रजा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा,
मेरे जीवन का वह हिस्सा हमेशा मुश्किल रहेगा। लेकिन मैंने अपने साथियों से कहा था कि अगर मैं मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से तैयार नहीं होता, तो मैं यहां नहीं होता। चूंकि मैं टीम में योगदान दे सकता हूं, इसलिए मैंने आपके साथ जुड़ने का फैसला किया है। मैं क्षमता या प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आने दूंगा।
-सिकंदर रजा
उन्होंने आगे कहा,
मैं टीम को अपना सब कुछ देने की कोशिश करूंगा । आप मुझसे जो कुछ भी करने को कहेंगे, मैं वह करूंगा। इसलिए हां, यहां आकर अच्छा लग रहा है।मैं वास्तव में खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं SA20 खेलने वाला पहला जिम्बाब्वे का खिलाड़ी हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरा प्रदर्शन अन्य जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों के लिए भी दरवाजे खोल सकता है।
-सिकंदर रजा



