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	<title>Dehati Dunia | देहाती दुनिया</title>
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	<description>समाचार और विचार</description>
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		<title>PSU बैंक कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 12 महीने में तय होगी नई बढ़ी हुई सैलरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admins]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 12:17:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[सरकारी बैंक के कर्मचारियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। दरअसल सरकारी बैंकों के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है। इसे लेकर जल्द ही प्रोसेस शुरू की जाएगी। बता दें कि सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों (पीएसबी) से 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते के लिए बातचीत की प्रोसेस समयबद्ध तरीके से शुरू करने &#8230;]]></description>
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<p>सरकारी बैंक के कर्मचारियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। दरअसल सरकारी बैंकों के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है। इसे लेकर जल्द ही प्रोसेस शुरू की जाएगी। बता दें कि सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों (पीएसबी) से 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते के लिए बातचीत की प्रोसेस समयबद्ध तरीके से शुरू करने और इसे अगले 12 महीनों में अंतिम रूप देने को कहा है। सरकारी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए वेतन संशोधन एक नवंबर 2027 से देय होगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>हर 5 साल में सैलरी में होता है बदलाव</strong></h3>



<p>सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों समेत फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस अपने कर्मचारियों के वेतन का संशोधन हर पांच वर्ष में करते हैं। इस प्रोसेस के तहत इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) कर्मचारी संगठनों और संघों के साथ बातचीत कर सहमति से वेतन समझौता करता है।<br>वित्तीय सेवा विभाग ने एक पत्र के माध्यम से बैंकों के प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे आगामी वेतन संशोधन के लिए बातचीत शुरू करने के आवश्यक कदम उठाएं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>’12 महीनों में पूरी हो बातचीत’</strong></h3>



<p>20 अप्रैल के इस पत्र में कहा गया है कि बातचीत की प्रक्रिया अधिकतम 12 महीनों में पूरी कर ली जानी चाहिए। पिछले समझौते से पहले वित्त मंत्रालय ने आईबीए से कहा था कि भविष्य में सभी वेतन वार्ताएं निर्धारित अवधि से पहले ही पूरी कर ली जाएं, ताकि संशोधित वेतन समय पर लागू किया जा सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>बैंकिंग क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़</strong></h3>



<p>पत्र में यह भी कहा गया कि पूर्व में समझौतों के बाद नियमों में आवश्यक संशोधन करने में काफी देरी हुई है। इसलिए इस बार यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित नियमों में बदलाव अगले वेतन समझौते की निर्धारित तिथि से पहले ही पूरे कर लिए जाएं।<br>सरकार ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और कर्मचारियों को उचित वेतन मिलने से उनका मनोबल ऊंचा बना रहता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>FY25 में कमाया रिकॉर्ड मुनाफा</strong></h3>



<p>सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने FY25 में रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है और अनुमान है कि FY26 में भी यह गति जारी रहेगी। सभी PSB का कुल मुनाफा FY23 में 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसके बाद FY24 में यह बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये और FY25 में 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया।</p>



<p>प्रॉफिट में इस सुधार की मुख्य वजह बेहतर एसेट क्वालिटी, लगातार क्रेडिट ग्रोथ, पर्याप्त कैपिटल बफर्स और एसेट्स पर बढ़ता रिटर्न माना जा रहा है।</p>
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		<title>पेंशनर्स की मौज! 1 जनवरी से लागू हुआ 60% महंगाई भत्ता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admins]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 12:16:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[लाखों रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले से पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई का सामना करने में बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। महंगाई राहत में कितनी बढ़ोतरी हुई है और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>लाखों रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले से पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई का सामना करने में बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी।</p>



<p><strong>महंगाई राहत में कितनी बढ़ोतरी हुई है और यह कब से लागू होगा?<br></strong>पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के जारी एक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, महंगाई राहत (DR) में 2% का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के साथ ही बेसिक पेंशन पर मिलने वाला DR मौजूदा 58% से बढ़कर 60% हो गया है। पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर यह है कि यह नई दर 1 जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी (retroactive) प्रभाव से लागू मानी जाएगी, जिसका मतलब है कि उन्हें पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा।</p>



<p><strong>इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा किन पेंशनर्स को मिलेगा?<br></strong>आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ व्यापक स्तर पर लाभार्थियों को मिलेगा, जिनमें मुख्य रूप से सभी केंद्र सरकार के पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी, सशस्त्र बल के पेंशनभोगी और रक्षा सेवा अनुमानों से भुगतान पाने वाले नागरिक (Civilian) पेंशनभोगी, रेलवे के पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी, अखिल भारतीय सेवा के रिटायर्ड अधिकारी और पेंशनभोगी और वर्तमान में प्रोविजनल पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगी शामिल हैं।</p>



<p><strong>क्या बढ़ा हुआ पैसा खाते में आने में कोई देरी होगी?<br></strong>बिल्कुल नहीं। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि पेंशनर्स को उनके बढ़े हुए लाभ बिना किसी रुकावट या देरी के मिलें। अकाउंटेंट जनरल के कार्यालयों और अधिकृत पेंशन वितरण बैंकों (Pension Disbursing Banks) को तत्काल संशोधित DR के भुगतान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि बैंकों को “किसी अन्य निर्देश की प्रतीक्षा किए बिना” कैलकुलेशन और भुगतान की प्रक्रिया तुरंत आगे बढ़ानी चाहिए।</p>



<p>सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कैलकुलेशन के बाद भुगतान में एक रुपये का कोई अंश (fraction) आता है, तो उसे अगले पूर्ण रुपये (next higher rupee) में राउंड ऑफ कर दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया यह कदम पेंशनभोगियों को बढ़ती जीवन यापन की लागत को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में एक मजबूत वित्तीय सहारा प्रदान करेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>मिस्ट्री-थ्रिलर में सबकी बाप है 8 एपिसोड की नई OTT सीरीज, Netflix पर आते ही बनी नंबर-1</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admins]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 12:15:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या हो जब इच्छा पूरी करने वाली चीज ही मौत का कारण बन जाए? ओटीटी पर एक नई वेब सीरीज (Web Series) आई है जिसे देखकर दिल दहल जाता है। 8 एपिसोड में बनी यह सीरीज एक हॉरर-मिस्ट्री थ्रिलर (Horror Mystry Thriller On OTT) है जो हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई। सीरीज जब &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>क्या हो जब इच्छा पूरी करने वाली चीज ही मौत का कारण बन जाए? ओटीटी पर एक नई वेब सीरीज (Web Series) आई है जिसे देखकर दिल दहल जाता है।</p>



<p>8 एपिसोड में बनी यह सीरीज एक हॉरर-मिस्ट्री थ्रिलर (Horror Mystry Thriller On OTT) है जो हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई। सीरीज जब से ओटीटी पर आई है, तभी से यह दर्शकों को खूब पसंद आ रही है।</p>



<p><strong>वेब सीरीज को मिली है तगड़ी रेटिंग<br></strong>इस वेब सीरीज को क्रिटिक्स की तरफ से तारीफें मिली हैं। यहां तक कि IMDb की तरफ से सीरीज को 7.3 रेटिंग मिली है। सीरीज की कहानी पांच बच्चों की है जो मजे-मजे में अपनी चाहत पूरी करने के बारे में सोचते हैं, लेकिन उनके सामने मौत आकर खड़ी हो जाती है।</p>



<p><strong>क्या है वेब सीरीज की कहानी<br></strong>कहानी एक ‘ऐप’ के इर्द-गिर्द घूमती है जो यूजर्स की ‘इच्छा’ पूरी करने का दावा करती है। ट्विस्ट तब आता है, जब एक स्टूडेंट की इस ‘ऐप’ के यूज करते ही मौत हो जाती है। इसके बाद मौत का सिलसिला शुरू हो जाता है। स्कूल के पांच स्टूडेंट्स इस ऐप के बारे में जानकारी निकालने के लिए तह तक जाने की कोशिश करने लगते हैं और फिर उनके सामने जो सच आता है, वो उन्हें हिलाकर रख देता है।</p>



<p><strong>ओटीटी पर आते ही बनी नंबर 1<br></strong>जिस वेब सीरीज की हम बात कर रहे हैं, वो है कोरियन ड्रामा ‘इफ विशेज कुड किल’ (If Wishes Could Kill)। पार्क यून-सेओ निर्देशित वेब सीरीज में जियोन सो-यंग, कांग मी-ना, बेक सन-हो, ह्यून वू-सेओक और ली ह्यो-जे ने मुख्य भूमिकाएं निभाई है। सीरीज 24 अप्रैल को ही ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (If Wishes Could Kill On Netflix) पर रिलीज हुई है। यह आते ही ओटीटी पर नंबर 1 बन गई है। इसने कई टॉप रेटेड सीरीज को पीछा करके टॉप 10 ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर 1 स्थान पर जगह बना ली है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दुनियाभर में Satyajit Ray का साम्राज्य, कैमरे के पीछे बदली सिनेमा की भाषा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admins]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 08:00:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[सिनेमा से साहित्य तक कैसे आज भी कायम है सत्यजित राय (Satyajit Ray) का दबदबा? उनकी 105वीं जन्मजयंती (दो मई) पर संदीप भूतोड़िया ने सत्यजीत रे के अलग सिनेमा का विश्लेषण किया है। सिनेमा और संस्कृति में सत्यजित राय की उपस्थिति केवल एक प्रसिद्ध फिल्मकार की नहीं है, बल्कि वह एक चिरस्थायी वातावरण की तरह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>सिनेमा से साहित्य तक कैसे आज भी कायम है सत्यजित राय (Satyajit Ray) का दबदबा? उनकी 105वीं जन्मजयंती (दो मई) पर संदीप भूतोड़िया ने सत्यजीत रे के अलग सिनेमा का विश्लेषण किया है।</p>



<p>सिनेमा और संस्कृति में सत्यजित राय की उपस्थिति केवल एक प्रसिद्ध फिल्मकार की नहीं है, बल्कि वह एक चिरस्थायी वातावरण की तरह हैं, जिसने पीढ़ियों की पसंद, भाषा और कल्पना को आकार दिया है। वे बंगाल के सांस्कृतिक जीवन में एक केंद्रीय संदर्भ बिंदु हैं, जो सिनेमा, साहित्य, ग्राफिक डिजाइन, संगीत और यहां तक कि रोजमर्रा की बातचीत को भी प्रभावित करते हैं। उनका यह शासन अचानक नहीं है।</p>



<p><strong>वैश्विक पहचान की शुरुआत<br></strong>स्वतंत्रता के बाद के बंगाल में 20वीं शताब्दी का पांचवां और छठवां दशक सांस्कृतिक आत्म-परिभाषा की खोज का काल था। राय के सिनेमा ने ‘पाथेर पांचाली’ (1955 ) से प्रारंभ कर एक ऐसी भाषा दी जो स्थानीय और सार्वभौमिक, दोनों रूप से समझने योग्य थी। उनकी फिल्मों ने बंगाली संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। वे एक ऐसे व्यक्तित्व बन गए जिनके माध्यम से बंगाली स्वयं को नए सम्मान के साथ देख सकते थे। बाद में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और प्रशंसा ने एक ऐसी नींव रखी, जिससे इस समाज ने राय के सिनेमा को विरासत के रूप में स्वीकार किया।</p>



<p><strong>बहुमुखी प्रतिभा से संपन्न थे सत्यजित राय<br></strong>सत्यजीत राय का प्रभुत्व केवल सिनेमा से नहीं समझाया जा सकता। कई फिल्म निर्माताओं के विपरीत, वे एक बहुमुखी विद्वान थे। उन्होंने जासूसी उपन्यास (फेलुदा), विज्ञान कथा (प्रोफेसर शंकु), बाल साहित्य, निबंध लिखे और यहां तक कि अपनी फिल्मों के लिए संगीत भी तैयार किया। उनके ग्राफिक डिजाइन कार्य, जिसमें पुस्तक आवरण और टाइपोग्राफी शामिल थी, ने बंगाली प्रकाशन की दृश्य संस्कृति को आकार दिया।</p>



<p>इस विविधता ने राय को विभिन्न माध्यमों से बंगाली घरों में प्रवेश करने की अनुमति दी। एक बच्चा पहली बार फेलुदा की कहानी के माध्यम से उनसे मिल सकता है, एक किशोर उनकी फिल्मों के माध्यम से और एक वयस्क उनके निबंधों या साक्षात्कारों के माध्यम से। बहुत कम सांस्कृतिक हस्तियां इतने व्यापक क्षेत्र पर काबिज हैं।</p>



<p><strong>मजबूत संस्थागत ढांचा<br></strong>संस्थागत समर्थन ने भी राय के दबदबे को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका काम शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का हिस्सा है, फिल्म सोसायटी नियमित रूप से उनकी फिल्में दिखाती हैं और राज्य प्रायोजित कार्यक्रम उनकी विरासत को याद करते हैं। कोलकाता में ‘सत्यजित राय फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट’ (Satyajit Ray Film And Television Institute) उनके प्रभाव के प्रतीक के रूप में खड़ा है।</p>



<p>फिल्म समारोह और वर्षगांठ यह सुनिश्चित करते हैं कि राय को लगातार याद किया जाए। राय महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उन्हें पढ़ाया जाता है और यह जरूरी है। महत्वाकांक्षी कलाकारों के लिए राय न केवल एक मॉडल बल्कि एक टूलकिट प्रदान करते हैं, जो दिखाते हैं कि कहानी , दृश्य डिजाइन और संगीत को एक समग्र रूप में कैसे एकीकृत किया जाए। कला के प्रति उनका अनुशासित दृष्टिकोण उन्हें समकालीन संदर्भों में भी एक मूल्यवान मार्गदर्शक बनाता है।</p>



<p><strong>सुनहरे दौर की याद<br></strong>राय के प्रभाव का बने रहना नॉस्टैल्जिया से भी जुड़ा है। कई बंगालियों के लिए राय सांस्कृतिक परिष्कार के स्वर्ण युग का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी फिल्में एक ऐसी दुनिया को दर्शाती हैं जो नपी-तुली, विचारशील और मानवीय लगती है। ये गुण अक्सर समकालीन जीवन में लुप्त माने जाते हैं। यह जुड़ाव राय को एक ऐतिहासिक व्यक्ति से एक नैतिक और सौंदर्यपरक मानक में बदल देता है।</p>



<p>समकालीन कार्यों को अक्सर उनके संबंध में आंका जाता है, जो उनके अधिकार को और मजबूत करता है। मीडिया पुनरुत्पादन और रूपांतरण ने इस प्रभाव को बढ़ाया है। टेलीविजन, स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म और उनकी फिल्मों के पुनर्रुद्धार (रिस्टोरेशन) ने राय को युवा दर्शकों तक पहुंचाया है। ‘अरण्येर दिन रात्रि’ और ‘नायक’ के डिजिटल रूप से रिस्टोर संस्करण कान जैसे समारोहों में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बन गए।</p>



<p><strong>एक महान विरासत<br></strong>अंततः, सिनेमा और संस्कृति में सत्यजित राय का शाश्वत साम्राज्य उनके योगदान की गहराई और व्यापकता का प्रमाण है। उनकी उपस्थिति प्रेरणादायक भी है और कभी-कभी दूसरों को ओझल करने वाली भी। राय का काम स्वयं अभिनव और भविष्योन्मुखी था। उनकी विरासत को सही मायने में संजोना उसी अन्वेषण और खुलेपन की भावना को बढ़ावा देना होगा जिसने उनकी जीवनयात्रा को परिभाषित किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>6 साल बाद सुशांत केस में Rhea Chakraborty को मिली राहत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admins]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 07:55:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
		<category><![CDATA[Rhea Chakraborty]]></category>
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					<description><![CDATA[साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत केस में रिया चक्रवर्ती को 28 दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था। साथ ही एक्ट्रेस और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती का बैंक अकाउंट भी फ्रीज कर दिया गया था। अब 6 साल बाद रिया चक्रवर्ती को सुशांत केस में बड़ी राहत मिली है। एक स्पेशल NDPS कोर्ट ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत केस में रिया चक्रवर्ती को 28 दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था। साथ ही एक्ट्रेस और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती का बैंक अकाउंट भी फ्रीज कर दिया गया था।</p>



<p>अब 6 साल बाद रिया चक्रवर्ती को सुशांत केस में बड़ी राहत मिली है। एक स्पेशल NDPS कोर्ट ने शनिवार को एक्ट्रेस और उनके भाई शोविक के पक्ष में सुनवाई की है। एक विशेष NDPS कोर्ट आदेश दिया कि रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती के बैंक खातों को डीफ्रीज कर दिया जाए।</p>



<p><strong>रिया चक्रवर्ती के बैंक अकाउंट कर दिए गए थे ब्लॉक<br></strong>साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद जांच के दौरान ड्रग्स का मामला सामने आया था जिससे रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक का नाम जुड़ा। जांच के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दोनों के अकाउंट्स फ्रीज कर दिए थे। तब इसके खिलाफ रिया ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।</p>



<p><strong>रिया चक्रवर्ती के पक्ष में लिया गया फैसला<br></strong>रिया चक्रवर्ती के वकील ने दलील दी थी कि खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इस वजह से यह कार्रवाई गैर-कानूनी हो गई। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने रिया के पक्ष में फैसला लिया।</p>



<p>कोर्ट ने कहा, “अधिनियम की धारा 68F की उप-धारा (2) यह प्रावधान करती है कि संपत्ति को फ्रीज करने या जब्त करने के किसी आदेश का तब तक कोई प्रभाव नहीं होगा, जब तक कि ऐसे आदेश के जारी होने के 30 दिनों की अवधि के अंदर सक्षम प्राधिकारी के किसी आदेश द्वारा उसकी पुष्टि न कर दी जाए।”</p>



<p><strong>क्या था मामला?<br></strong>रिया चक्रवर्ती को सितंबर 2020 में सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उन पर दिवंगत अभिनेता के लिए ड्रग्स खरीदने और उन्हें उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया था। इसके चलते उन्हें 28 दिन जेल में रहना पड़ा था। पिछले साल ही रिया को इस मामले में क्लीन चिट मिल गई थी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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