उत्तर भारत में मौसम का कहर: दिल्ली-यूपी में बारिश, खिले किसानों के चेहरे

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर वर्षा और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी जारी रही। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

कश्मीर घाटी में ताजा हिमपात के कारण श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को सभी 58 उड़ानें (आने-जाने वाली) रद कर दी गईं। रनवे पर बर्फ जमा होने से सुरक्षित उड़ान संचालन असंभव हो गया। इससे सैकड़ों पर्यटक, जो गणतंत्र दिवस और सप्ताहांत के बाद वापस लौटने वाले थे, फंस गए हैं। अधिकारियों ने यात्रियों को एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी है।

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) काजीगुंड और बनिहाल के बीच भारी बर्फबारी के चलते यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जगह-जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, और हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। बर्फ हटाने का अभियान जारी है, लेकिन मौसम की खराबी के कारण बहाली में देरी हो रही है। रेल सेवाएं भी प्रभावित रही हैं, जहां बनिहाल-बडगाम खंड पर कुछ ट्रेनें रद या आंशिक रूप से प्रभावित हुईं।

श्रीनगर में मंगलवार को अधिकतम तापमान मात्र 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। ठंड में इजाफा होने से लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भद्रवाह-छत्रगला सड़क पर भारी बर्फबारी में फंसे 40 सैनिकों सहित 60 लोगों को बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित निकाला।

उत्तराखंड में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी का दौर जारी है। चमोली जिले की नीती घाटी के गमशाली और कोषा गांवों में बर्फीले तूफान से कई घरों की छतें उड़ गईं। केदारनाथ धाम में दूसरे दिन भी बर्फबारी जारी रही, जहां तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।

बद्रीनाथ और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भी मोटी बर्फ की चादर बिछ गई है। उच्च क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है, और मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की अपील की है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मैदानी इलाकों में हुई इस वर्षा से गेहूं, चना और जौ जैसी रबी फसलों को लाभ होगा, क्योंकि मिट्टी में नमी बढ़ेगी और फसलें बेहतर तरीके से बढ़ेंगी। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से पर्यटन पर असर पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय में पर्यटकों के लिए आकर्षण बढ़ेगा।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 1-2 दिनों में कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है, उसके बाद मौसम में सुधार की उम्मीद है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम अपडेट और ट्रैफिक अलर्ट चेक करें।

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