
स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाने वाले विपक्ष को जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज से जमीन पर उतर रहे हैं। अपनी समृद्धि यात्रा के जरिए वह जन-जन के बीच पहुंचने की तैयारी में हैं। राज्य की विकास योजनाओं की ज़मीनी हकीकत जानने और जनता से सीधा संवाद करने के लिए वह इस यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज से समृद्धि यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। यात्रा के पहले दिन वह पश्चिम चम्पारण के लोगों को करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात देंगे। पश्चिम चंपारण में वह 153 करोड़ रुपये की लागत से 125 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जबकि 29 करोड़ रुपये की लागत से 36 योजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा। इन योजनाओं से जिले में आधारभूत संरचना, जनसुविधाओं और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र का भी स्थलीय निरीक्षण करेंगे। यहां वे औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और स्थानीय रोजगार सृजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
मुख्यमंत्री की इस यात्रा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कार्यक्रम स्थल पर सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। समृद्धि यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के साथ-साथ जनता से सीधा संवाद भी करेंगे। इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के यात्रा पर निकलने के संबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री के दौरे के समय संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिवों को स्थल पर उपस्थित रहना होगा।
समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक सहित सभी महत्वपूर्ण विभागों के आला अफसर मौजूद रहेंगे। विशेष परिस्थितियों में ही विभाग के दूसरे वरिष्ठतम अधिकारी को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है। इस संबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट रूप से सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि वे समय रहते यात्रा की तैयारी पूरी कर लें। उन्होंने समीक्षा बैठक से पहले विभागीय सचिवों को अपने विभागों की योजनाओं की पूर्व समीक्षा करने को कहा है ताकि मुख्यमंत्री के सामने सटीक जानकारी पेश की जा सके।
जानिए, मुख्यमंत्री कहां-किस जिले में पहुंचेंगे?
16 जनवरी को नेपाल सीमा से सटे पश्चिम चंपारण से नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा शुरू हो रही है। उधर से वह 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण जाएंगे। रविवार को विश्राम के बाद 19 जनवरी को सीतामढ़ी-शिवहर, 20 को गोपालगंज, 21 को सीवान, 22 को सारण, 23 को मुजफ्फरपुर और 24 को वैशाली की यात्रा कर पटना लौटेंगे। इस दौरान वह दिसंबर 2024 की प्रगति यात्रा में शुरू कराई योजनाओं और सात निश्चय योजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उद्घाटन-शिलान्यास आदि के साथ जन-संवाद और समीक्षा बैठकें भी करेंगे, जैसा हर यात्रा में करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री को मीडिया से रखा जाता है दूर
नीतीश कुमार मीडिया से बहुत मुखातिब नहीं होते। मिलना तो असंभव है। इंटरव्यू तो दूर, सरकार की ओर से जारी होने वाला वीडियो भी आवाज हटाकर (म्यूट कर) जारी किया जाता है। यह सब अपनी जगह है। वह बयान से जवाब नहीं देते। 2023 के बाद से यह प्राय: बंद है। मीडियाकर्मियों को मुख्यमंत्री तक पहुंचने नहीं दिया जाता है। इसके कारण सवाल उठता रहा है, लेकिन जवाब देने कभी कोई सामने नहीं आता। चाणक्य इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के अध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा कहते हैं- “मुख्यमंत्री का वीडियो भले ही म्यूट आता है, लेकिन वह एक्शन में हैं और विपक्ष के युवा नेताओं से ज्यादा। मीडिया से दूरी की शिकायत कोई सुनने वाला नहीं, यह घातक है। लेकिन, जनता उनके साथ है।”



