राष्ट्रपति मुर्मु ने ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में भरी उड़ान, भारत-पाक सीमा पर सह-पायलट बन रचा इतिहास

राष्ट्रपति ने शुक्रवार सवेरे जैसलमेर वायु सेवा स्टेशन पहुंचने के बाद अधिकारियों से प्रचंड हेलिकाप्टर की क्षमताओं और मिशन प्रोफाइल के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद वे पायलट यूनिफार्म में कॉकपिट में बैठीं और ग्रुप कैप्टन एन. एस. बहुआ के साथ उड़ान भरी।

देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए स्वदेशी लाइट कांबैट हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरी। वे इस अत्याधुनिक लड़ाकू हेलिकॉप्टर में को-पायलट के रूप में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।

आलिव ग्रीन फ्लाइंग सूट और हेलमेट पहने राष्ट्रपति ने उड़ान से पहले पायलट से ब्रीफिंग ली। उड़ान के दौरान सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर के रूप में राष्ट्रपति ने काकपिट से देशवासियों को संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि कि प्रचंड आत्मनिर्भर भारत का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रपति भारतीय वायु सेवा के युद्ध अभ्यास वायु शक्ति में बतौर मुख्य अतिथि जैसलमेर पहुंची थी।

राष्ट्रपति ने शुक्रवार सवेरे जैसलमेर वायु सेवा स्टेशन पहुंचने के बाद अधिकारियों से प्रचंड हेलिकाप्टर की क्षमताओं और मिशन प्रोफाइल के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद वे पायलट यूनिफार्म में कॉकपिट में बैठीं और ग्रुप कैप्टन एन. एस. बहुआ के साथ उड़ान भरी।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित इस आधुनिक कांबैट हेलिकॉप्टर में उन्होंने देश की सबसे बड़ी फील्ड फायरिंग रेंज तथा परमाणु परीक्षण स्थल का हवाई मुआयना किया।

उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने हेलिकॉप्टर से सैल्यूट कर उपस्थित जवानों और अधिकारियों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके साथ दूसरे हेलिकॉप्टर में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube