
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दिए गए नोटिसों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए करीब 3700 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और लगाए गए हैं। इसके लिए यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने चुनाव आयोग से अनुमति लेकर आदेश जारी कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग न हो पाने के कारण 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा तार्किक असंगति के कारण 2.22 करोड़ मतदाताओं को नोटिस की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इस तरह से कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई होगी।
इनमें से अभी तक 85 लाख मतदाताओं की ही नोटिस की सुनवाई पूरी हो सकी है। यहां बता दें कि प्रदेश में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा आयोग ने 6 मार्च तक बढ़ाई है। जबकि, नोटिसों की सुनवाई 27 मार्च तक होगी। अंतिम मतदाता सूची अब 10 अप्रैल को प्रकाशित होगी।
पहले यूपी में नोटिसों की सुनवाई के लिए 8990 एईआरओ और 403 ईआरओ लगाए गए थे। नोटिसों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए 3700 एईआरओ और लगा दिए गए हैं, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर यह काम पूरा हो सके। ये एईआरओ मेरठ, शाहजहांपुर, लखनऊ, रायबरेली, ललितपुर, हमीरपुर, बलरामपुर और देवरिया के अलावा शेष सभी जिलों में बढ़ाए गए हैं।



