बांग्लादेश में आज तारिक रहमान लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ

बांग्लादेश के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद तारिक रहमान मंगलवार को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही 20 साल बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सत्ता में वापसी हो जाएगी।

पहली बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे 60 वर्षीय रहमान पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे हैं।

अंतरिम शासन का अंत

छात्र आंदोलन के चलते पांच अगस्त, 2024 को शेख हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग सरकार के अपदस्थ होने के बाद गुरुवार को पहला आम चुनाव कराया गया था, जिसमें बीएनपी को दो तिहाई सीटों पर जीत मिली। नई सरकार के गठन के साथ ही मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के करीब 18 महीने के शासन का अंत हो जाएगा।

शाम चार बजे होगा शपथ

सरकारी न्यूज एजेंसी बीएसएस ने सोमवार को संसद सचिवालय सचिव कनीज मौला के हवाले से बताया, ‘संसद परिसर के साउथ प्लाजा में मंगलवार शाम चार बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन नई कैबिनेट को शपथ दिलाएंगे। इससे पहले सुबह दस बजे नवनिर्वाचित संसद सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी।’

इधर, बीएनपी ने संसद भवन में सुबह साढ़े 11 बजे संसदीय दल की बैठक बुलाई है, जिसमें नेता का चुनाव किया जाएगा। बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहउद्दीन अहमद ने कहा, ‘बहुमत वाले दल के नेता के तौर पर हमारी पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनेंगे।’

खालिद जिया के निधन के बाद संभाली बीएनपी की कमान

गत 30 दिसंबर को अपनी मां खालिदा के निधन के बाद रहमान ने पार्टी की बागडोर संभाली थी। वह करीब 18 साल बाद गत दिसंबर में ही लंदन से स्वदेश लौटे थे। जबकि अंतिम बार बीएनपी 2001 से 2006 तक सत्ता में रही थी, तब खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं।

शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे ओम बिरला

शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा स्पीकर ओम बिरला करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह के भी उनके साथ ढाका जाने की संभावना है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी है।

दो हिंदुओं समेत चार अल्पसंख्यक भी संसद पहुंचे

आम चुनाव में जीतकर दो हिंदुओं समेत चार अल्पसंख्यक भी संसद पहुंचे हैं। ये सभी बीएनपी के टिकट पर चुनाव जीते हैं। गायेश्वर चंद्र राय ने ढाका की सीट से जीत हासिल की है। निताई राय चौधरी ने पश्चिम मागुरा सीट से जीत दर्ज की है। दोनों हिंदुओं ने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवारों को हराया।

तीसरे अल्पसंख्यक सचिंग प्रू हैं, जो बौद्ध धर्म को मानते हैं। जबकि संसद पहुंचने वाले चौथे अल्पसंख्यक दीपेन दीवान हैं। हालांकि, उनकी धार्मिक पहचान साफ नहीं है और कई लोग उन्हें हिंदू बताते हैं।

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