Strict Action : मायावती ने पूर्व मंत्री सहित सात नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता

पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने रविवार को सात वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये सभी आगरा से ताल्लुक रखते हैं और इन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। पार्टी ने जिन नेताओं को निष्कासित किया है, उनमें पूर्व विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार चित्तौड़, पूर्व मंत्री नारायण सिंह सुमन, उनके पुत्र पूर्व एमएलसी स्वदेश कुमार ऊर्फ वीरू सुमन, पूर्व विधायक कालीचरण सुमन, पूर्व जिलाध्यक्ष भारतेंदु अरुण, मलखान सिंह व्यास और विक्रम सिंह शामिल हैं। बसपा के मुताबिक इन नेताओं के बारे में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की दी गई रिपोर्ट की विभिन्न सूत्रों से छानबीन करने के बाद आज इन लोगों को निष्कासित किया गया है। इससे पहले कई बार इन्हें चेतावनी भी दी जा चुकी थी लेकिन इन नेताओं की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया।
इसलिए पार्टी हित में इन नेताओं पर कार्रवाई की है।  आगरा से पूर्व विधायक और बसपा सरकार में उद्यान मंत्री रहे नारायण सिंह सुमन और उनके पुत्र पूर्व एमएलसी वीरू सुमन को वर्ष 2016 में भी मायावती ने निष्कासित कर दिया था। इस वर्ष लोकसभा चुनाव के बाद दोनों ने एक बार पार्टी में वापसी की, लेकिन उन्हें फिर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उपचुनाव में करारी हार के बाद बसपा सुप्रीमो पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्रवान किया है। इसलिए जहां पार्टी में सक्रिय नहीं रहने वाले नेताओं को चेतावनी देने से लेकर विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। वहीं विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारी नये सिरे से परिभाषित की जा रही है।

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