
अमेरिका के लॉस एंजिल्स अदालत में इंस्टाग्राम और फेसबुक की पेरेंट कंपनी, मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग को कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। दरअसल, सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग से इंस्टाग्राम की लत और उम्र के वेरिफिकेशन को लेकर सवाल किए गए।
कोर्ट ने पूछा कि क्या मेटा के प्लेटफॉर्म जानबूझकर बच्चों को नशे की लत लगाते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं। इस दौरान जुकरबर्ग न केवल असहज दिखे, बल्कि वकीलों की दलीलों पर सिर हिलाते और उत्तेजित होते नजर आए।
झूठ बोलते हैं यूजर्स
कोर्ट में सुनवाई के दौरान मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग ने दावा किया कि मेटा ने कम उम्र के यूजर्स की पहचान करने में सुधार किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कुछ यूजर्स इंस्टाग्राम पर अकाउंट खोलते समय अपनी उम्र के बारे में झूठ बोलते हैं और कंपनी जिन लोगों की पहचान कम उम्र के रूप में करती है उन्हें हटा देती है। मैं हमेशा चाहता हूं कि हम यह काम जल्दी कर पाते।
नौ साल का बच्चा पढ़ेगा आपकी शर्तें?
मार्क जुकरबर्ग के इस बयान पर केस करने वाले वादी के वकीलों ने पलटवार करते हुए कहा कि एक नौ साल का बच्चा उन फाइन प्रिंट में लिखे शर्तों को पढ़ेगा? 13 साल से कम उम्र के बच्चों को अनुमति है या नहीं, इसके लिए आप यह तर्क दे रहे हैं?
वेरिफिकेशन के बारे में बार-बार पूछे जाने पर जुकरबर्ग ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि यह इतना जटिल क्यों है।”
क्या है पूरा मामला
यह पूरा मामला कैलिफोर्निया निवासी 20 वर्षीय कैली जी.एम. की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है। कैली बचपन से ही एक बहुत ज्यादा सोशल मीडिया इस्तेमाल करती थी। कैली छह साल की उम्र में यूट्यूब, नौ साल की उम्र में इंस्टाग्राम, फिर टिकटॉक और स्नैपचैट का इस्तेमाल शुरू किया था और अब उसे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इसी को लेकर यह मुकदमा किया गया है। यह अमेरिकी परिवारों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ दायर किए गए हजारों मुकदमों में पहला ऐसा केस है जब सुनवाई में पहली बार यह देखा गया कि अरबपति मालिक ने सीधे जूरी के सामने और शपथ लेकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मौजूद सुरक्षा उपायों की जानकारी दी, उनका बचाव किया।
कोर्ट में जुकरबर्ग ने कहा कि हम एज वेरिफिकेशन को लेकर अभी सही जगह पर हैं, समय के साथ नए उपकरण और तरीके जोड़े जाएंगे।



