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जय जगत तथा वोटरशिप दो सबसे शक्तिशाली विचार हैं जिनसे बदला जा सकता है विश्व – पी.के. सिंह पाल

लखनऊ मार्च। अखिल भारतीय पाल महासभा, शाखा लखनऊ का 24वां होली मिलन एवं पारिवारिक एकता सम्मेलन का शुभारम्भ विश्व की प्रथम कुशल प्रशासिका व लोकतांत्रिक ढंग से विशाल होलकर राज्य का संचालन करने वाली शासिका लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर तथा नारी जागरण के लिए जीवन पर्यन्त समर्पित स्व. सुश्री उर्मिला पाल, एडवोकेट तथा अखिल भारतीय महासभा की महिला प्रकोष्ठ की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके तथा भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित करके हुआ। देश के सबसे बड़े प्रदेश की राजधानी लखनऊ की रूपरेखा कड़ी मेहनत, सूझबूझ तथा योजनाबद्ध ढंग से बनाकर पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श माॅडल का स्वरूप प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया गया था। इस हेतु सभी ने महासभा की लखनऊ शाखा की समर्पित टीम की सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। भव्य सम्मेलन का संचालन महिला जागरण के प्रबल समर्थक तथा प्रसिद्ध समाजसेवी उमा शंकर पाल ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं तथा वरिष्ठों का फूलमालाओं तथा अंग वस्त्र पहनाकर हुआ। सम्मेलन में मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में नानकदीन भर्जी, पूर्व राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, योगेन्द्र पाल, राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय पाल महासभा, पाल सिंह पाल, मुरादनगर, अध्यक्ष, अखिल भारतीय पाल महासभा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, रघुनन्दन पाल, अध्यक्ष, मेरठ मण्डल, अखिल भारतीय पाल महासभा, मुरादनगर, डा.पी.के. पाल, पूर्व सीएमओ, वाराणसी, डा. ललिता पाल, वरिष्ठ दंत चिकित्सक, वाराणसी, महेश पाल, प्रबन्धक, महारानी अहिल्या बाई होल्कर विद्यालय, गोमती नगर-4, लखनऊ, राम राज गांधी, एडवोकेट, लखनऊ, समाजसेवी जग जीवन पाल, लखनऊ, डा. ओम प्रकाश पाल, फतेहपुर, होरी लाल पाल, हरदोई, योगेन्द्र पाल, हापुड़, बबलू पाल, बदायूं, वेद प्रकाश पाल बदायूं, नीरज सिंह पाल, मेरठ, सुरेश पाल, फतेहपुर, देशराज पाल, बाराबंकी, कमांडो राजवीर धनगर, आगरा, राजवीर सिंह बघेल, कानपुर, इं. राम निवास पाल, राम सागर पाल, पूर्व सांसद प्रत्याशी, वीरेन्द्र कुमार पाल, पूर्व प्रधान, मिश्रिख, सीतापुर, महेश पाल, मण्डलीय मंत्री, पेंशन बचाओ मंच, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, सुरेन्द्र कुमार पाल, गायत्री साधक, लखनऊ आदि-आदि ने विशेष रूप से पधारकर तथा ‘शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता’ विषय पर सारगर्भित व संक्षिप्त सम्बोधन द्वारा समारोह की वैचारिक सफलता में अपना विशेष योगदान दिया।

विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के राजनेताओं ने एक मंच पर एकत्रित होकर समाज की एकता का जयघोष किया। सभी के भाषणों का सार यह था कि शिक्षा ही व्यक्ति, परिवार, समाज तथा विश्व के विकास की जननी है। शिक्षा वह शक्तिशाली हथियार है जिसके उपयोग के द्वारा विश्व को बदला जा सकता है। साथ ही वक्ताओं ने लोकमाता अहिल्या बाई होलकर के ‘सबका भला – अपना भला’ के सिद्धान्त को अपनाने के लिए प्रेरित किया। बनो, अहिल्या बाई होलकर अपनी आत्म शक्ति दिखलाने तथा जय जगत के जयघोष ने सभी को नई ऊर्जा से भर दिया।

विशेष अतिथि निरंजन सिंह पाल, सम्पादक, हरिकमल दर्पण साप्ताहिक समाचार पत्र, मेरठ ने लेखन में रूचि रखने वाले युवाओं को पत्रकारिता से जुड़ने का आह्वान किया। पी.के. सिंह पाल को हरिकमल दर्पण साप्ताहिक समाचार पत्र के लिए लखनऊ के आसपास के समाचारों को नियमित रूप से लिखकर भेजने के लिए वरिष्ठ पत्रकार का दायित्व सौंपा। ताकि 21वीं सदी की विश्वव्यापी समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करने वाले वैश्विक विचारों के द्वारा समाज की युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन किया जा सके।

श्री विजय पाल, अध्यक्ष, अखिल भारतीय पाल महासभा, शाखा लखनऊ ने कहा कि समाज में सामूहिक विवाह के आयोजन अधिक से अधिक होने चाहिए ताकि खर्चीली शादियों में होने वाले धन के अपव्यय को रोका जा सके। राम राज गांधी, एडवोकेट ने अपने विचारों द्वारा लखनऊ के निर्माणाधीन पाल भवन के लिए तन, मन धन से सहयोग करने तथा समाज की पत्र-पत्रिकाओं के सदस्य बनने के लिए परिजनों को प्रेरित किया।लखनऊ की श्रीमती उमा सिंह पाल, वोटरशिप समर्थक जग जीवन पाल तथा गायत्री परिवार के सुरेन्द्र कुमार पाल की ओर से ‘‘जय जगत तथा वोटरशिप बुक स्टाॅल’’ लगाया गया जो कि समारोह का विशेष आकर्षण के केन्द्र रहा।

महासभा के संरक्षक वरिष्ठ शैक्षिक चिन्तक पी.के. सिंह पाल ने कहा कि अब हमें युगानुकूल विचारों को भी अपनाना होगा। मैं भी अपनी जाति तथा देश से बहुत प्यार करता हूं। मेरी राष्ट्रीयता जय जगत की शिक्षा, वोटरशिप, वसुधैव कुटुम्बकम्, सर्वधर्म समभाव, विश्व नागरिकता, अहिंसा, एकता तथा विश्व बन्धुत्व की प्रबल समर्थक है। इन्हीं सार्वभौमिक विचारों को पहंुचाने के लिए मैं अपने सीमित साधनों तथा अल्प सहयोग के बलबूते पहुंचाने का भरसक प्रयास करता हूं। दुनिया को पांच वीटो पाॅवर से लैश शक्तिशाली देश परमाणु बमों से चला रहे हैं। भारत को दुनिया को कानून तथा संविधान से चलाने के लिए लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई विश्व संसद के लिए पहल करनी चाहिए। जय जगत तथा वोटरशिप के विचार इस युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है।    समारोह के अन्त में विश्वव्यापी महामारी कोरोना वायरस से दिवंगतों के आत्मा की शान्ति की प्रार्थना की गयी। साथ ही हजारों पीड़ितों के शीघ्र स्वास्थ्य होने की कामना की गयी। यह अपील भी की गयी कि इस महामारी का सामना साहस के साथ तथा आवश्यक सावधानी रखते हुए सभी को करना है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तथा लखनऊ से पधारे परिजनों के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन विजय पाल, अध्यक्ष तथा इन्द्र मोहन पाल, महासचिव द्वारा किया गया। साथ ही गड़रिया परिवार में पैदा हुए होल्कर राजवंश की स्थापना करने वाले शासक श्रीमंत मल्हार राव होल्कर की 16 मार्च को जयन्ती के उपलक्ष्य में सभी को हार्दिक बधाइयाँ दी गयी।

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